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Chelidonium Majus Q: उपयोग, लाभ, खुराक और सावधानियां
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Chelidonium Majus Q: उपयोग, लाभ, खुराक और सावधानियां

17 min read · 2,523 words
Dr. Pratibha Surbhi
Written by
BHMS Experience: 4 years Registration No.: A-16095
Dr. Pranjali Srivastava
Medically reviewed by
B. Sc., BHMS, FMS Experience: 14 years Registration No.: A-13437
Last updated: मई 6, 2026

Chelidonium Majus Q क्या है?

Chelidonium Majus Q एक होम्योपैथिक मदर टिंचर है, जिसे Greater Celandine नामक पौधे से तैयार किया जाता है। होम्योपैथी में यह दवा मुख्य रूप से लिवर, पित्त, पाचन तंत्र, पेट की गड़बड़ी और दाईं तरफ होने वाले दर्द से जुड़े लक्षणों में परंपरागत रूप से उपयोग की जाती है।

“Q” का मतलब Mother Tincture होता है। यह होम्योपैथिक दवा का liquid form होता है, जिसमें मूल पौधे के औषधीय गुण मौजूद माने जाते हैं। Chelidonium Majus Q को अक्सर उन लोगों में consider किया जाता है जिनमें लिवर sluggishness, भूख कम लगना, पेट में भारीपन, गैस, कब्ज, एसिडिटी, मुंह में कड़वाहट, मतली या दाईं पसली के नीचे दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

यह याद रखना जरूरी है कि Chelidonium Majus Q कोई सामान्य liver tonic नहीं है जिसे हर व्यक्ति बिना जांच और बिना सलाह के लंबे समय तक लेता रहे। होम्योपैथी में दवा का चुनाव व्यक्ति के symptoms, constitution, बीमारी की प्रकृति और पूरी health history के आधार पर किया जाता है।

Chelidonium Majus Q के मुख्य उपयोग

Chelidonium Majus Q uses in Hindi खोजने वाले अधिकतर लोग यह जानना चाहते हैं कि यह दवा किन समस्याओं में उपयोगी मानी जाती है। इसका सबसे प्रसिद्ध उपयोग लिवर और पाचन से जुड़ी complaints में माना जाता है, लेकिन इसके indications केवल इतना तक सीमित नहीं हैं।

1. लिवर से जुड़ी समस्याओं में उपयोग

Chelidonium Majus Q को होम्योपैथी में लिवर-related complaints के लिए एक महत्वपूर्ण remedy माना जाता है। जब व्यक्ति को पेट के दाईं तरफ भारीपन, दाईं पसली के नीचे दर्द, भूख कम लगना, पाचन कमजोर होना या खाना खाने के बाद असहजता महसूस होती है, तो यह remedy डॉक्टर द्वारा consider की जा सकती है।

कुछ लोगों में लिवर की कमजोरी या sluggish liver के कारण शरीर में भारीपन, थकान, भोजन से अरुचि, मुंह का स्वाद खराब होना और पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। ऐसे cases में Chelidonium Majus Q को supportive homeopathic medicine के रूप में देखा जाता है।

यह दवा लिवर की functioning को support करने के उद्देश्य से दी जा सकती है, लेकिन यह किसी गंभीर liver disease का replacement treatment नहीं है। यदि आंखों या त्वचा में पीलापन, गहरा urine, बहुत ज्यादा कमजोरी, पेट में सूजन, लगातार vomiting या liver enzymes बहुत अधिक बढ़े हुए हों, तो तुरंत medical evaluation जरूरी है।

2. पीलिया जैसे लक्षणों में supportive role

Chelidonium Majus का नाम अक्सर पीलिया यानी jaundice से जुड़े लक्षणों के साथ भी लिया जाता है। पीलिया में त्वचा और आंखों का पीला होना, urine का dark होना, भूख कम लगना, शरीर में कमजोरी और पेट में discomfort जैसे लक्षण हो सकते हैं।

होम्योपैथिक दृष्टि से Chelidonium Majus उन cases में consider की जा सकती है जहां लिवर और bile flow से जुड़े symptoms प्रमुख हों। लेकिन पीलिया एक serious condition हो सकती है, जिसके पीछे hepatitis, gallstone blockage, liver inflammation या अन्य medical causes हो सकते हैं। इसलिए पीलिया के लक्षण दिखने पर केवल homeopathic medicine लेकर इंतजार करना सही नहीं है।

ऐसी स्थिति में blood test, liver function test और doctor की जांच जरूरी होती है। Homeopathy को supportive care के रूप में qualified doctor की guidance में ही लेना चाहिए।

3. Gallbladder और bile-related symptoms

Chelidonium Majus Q को gallbladder और bile से जुड़े लक्षणों में भी पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है। कुछ लोगों को fatty food खाने के बाद पेट के दाईं ओर भारीपन, कड़वाहट, nausea, गैस या indigestion महसूस होता है। कई बार pain दाईं पसली के नीचे से दाएं shoulder blade यानी कंधे की हड्डी की तरफ जाता हुआ महसूस हो सकता है।

होम्योपैथी में यह “right scapula pain” Chelidonium Majus का एक known indication माना जाता है। यदि दर्द दाईं तरफ ज्यादा हो, भोजन के बाद बढ़े, मुंह में bitter taste रहे और digestion कमजोर हो, तो यह remedy डॉक्टर द्वारा consider की जा सकती है।

लेकिन gallstones, gallbladder inflammation या bile duct blockage जैसी स्थितियों में medical investigation जरूरी है। तेज दर्द, fever, vomiting, पीलिया या लगातार पेट दर्द होने पर self-medication नहीं करनी चाहिए।

4. अपच, गैस और पेट में भारीपन

Chelidonium Majus Q का उपयोग indigestion यानी अपच में भी किया जाता है, खासकर जब पेट में भारीपन, गैस, खट्टी डकार, भोजन के बाद असहजता और पाचन धीमा महसूस हो। कई लोगों को खाना खाने के बाद ऐसा लगता है कि भोजन ठीक से पच नहीं रहा है या पेट लंबे समय तक भारी रहता है।

ऐसे symptoms में यह remedy digestive support के रूप में consider की जा सकती है। खासकर जब complaints लिवर या bile disturbance जैसे pattern के साथ जुड़ी हों, तो इसका role ज्यादा relevant माना जाता है।

हालांकि अपच के पीछे acidity, gastritis, ulcer, gallbladder issue, liver problem, food intolerance, stress या irregular lifestyle जैसे कई कारण हो सकते हैं। इसलिए बार-बार होने वाली indigestion को केवल सामान्य गैस समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

5. कब्ज और bowel movement में गड़बड़ी

Chelidonium Majus कुछ cases में constipation यानी कब्ज से जुड़े symptoms में भी उपयोगी मानी जाती है। यदि कब्ज के साथ पेट में भारीपन, गैस, भूख कम लगना और लिवर-related sluggishness जैसे लक्षण हों, तो यह दवा consider की जा सकती है।

कब्ज में केवल दवा पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। पानी कम पीना, fiber की कमी, कम physical activity, बहुत ज्यादा processed food, तनाव और नींद की कमी भी bowel movement को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए diet और lifestyle correction भी जरूरी है।

यदि कब्ज बहुत लंबे समय से है, stool में blood आता है, अचानक weight loss हो रहा है, पेट में तेज दर्द है या bowel habits अचानक बदल गई हैं, तो medical consultation जरूर लेना चाहिए।

6. भूख कम लगना और मुंह का कड़वा स्वाद

Chelidonium Majus Q का एक common indication भूख कम लगना और मुंह में कड़वाहट माना जाता है। कुछ लोगों को सुबह उठते ही mouth bitter लगता है, खाना खाने का मन नहीं करता या थोड़ा खाने के बाद पेट भारी हो जाता है।

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ऐसी स्थिति में यह remedy digestive-liver axis को support करने के लिए doctor द्वारा दी जा सकती है। लेकिन appetite loss यानी भूख कम लगना कई कारणों से हो सकता है, जैसे infection, anemia, liver disease, stress, acidity, thyroid issues या chronic illness। यदि भूख लंबे समय तक कम रहे तो जांच जरूरी है।

Chelidonium Majus Q और Fatty Liver

आजकल fatty liver एक आम समस्या बनती जा रही है। गलत खानपान, ज्यादा sugar, refined carbs, alcohol, obesity, insulin resistance और sedentary lifestyle इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। बहुत से लोग Chelidonium Majus Q for fatty liver के बारे में जानना चाहते हैं।

होम्योपैथिक दृष्टि से Chelidonium Majus fatty liver में direct “cure” की तरह नहीं दी जाती, बल्कि लक्षणों और व्यक्ति की पूरी condition देखकर supportive remedy के रूप में consider की जा सकती है। यदि fatty liver के साथ पेट की दाईं तरफ भारीपन, digestion slow, bitter taste, gas, bloating और sluggish feeling हो, तो यह remedy relevant हो सकती है।

Fatty liver में lifestyle correction सबसे महत्वपूर्ण है। Weight management, regular exercise, refined sugar कम करना, alcohol से बचना, balanced diet और doctor द्वारा advised tests follow करना जरूरी है। Homeopathic treatment को individualized support की तरह लेना चाहिए, replacement की तरह नहीं।

Chelidonium Majus Q के Key Symptoms

होम्योपैथी में दवा disease name से ज्यादा symptom pattern के आधार पर चुनी जाती है। Chelidonium Majus के कुछ प्रमुख symptom indications इस प्रकार हो सकते हैं:

  • दाईं पसली के नीचे दर्द या भारीपन
  • दर्द का दाएं shoulder blade की ओर जाना
  • मुंह में कड़वा स्वाद
  • भूख कम लगना
  • खाना खाने के बाद पेट भारी होना
  • गैस, bloating और indigestion
  • कब्ज या irregular stool
  • मतली या उल्टी जैसा महसूस होना
  • पीलिया जैसे लक्षणों के साथ कमजोरी
  • fatty food से परेशानी बढ़ना
  • लिवर region में discomfort
  • शरीर में सुस्ती और heaviness

इन symptoms का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को Chelidonium Majus Q ही लेना चाहिए। यह केवल indication समझने के लिए है। सही remedy selection doctor द्वारा case-taking के बाद ही बेहतर तरीके से किया जा सकता है।

Chelidonium Majus Q Dosage: कितनी मात्रा लेनी चाहिए?

Chelidonium Majus Q की dosage व्यक्ति की उम्र, बीमारी, symptoms की severity, अन्य medicines और overall health condition पर निर्भर करती है। Mother tincture होने के कारण इसे सामान्यतः पानी में मिलाकर लिया जाता है, लेकिन exact dose और repetition doctor की सलाह से ही तय होनी चाहिए।

कई लोग इंटरनेट पर देखकर drops लेना शुरू कर देते हैं, लेकिन यह सही तरीका नहीं है। Mother tincture में सक्रिय herbal extract होता है, इसलिए इसे लंबे समय तक या अधिक मात्रा में बिना supervision के लेना avoid करना चाहिए।

खासकर यदि आपको liver disease, kidney disease, pregnancy, breastfeeding, diabetes, high BP, gallstones, hepatitis या कोई chronic illness है, तो self-medication से बचें।

Chelidonium Majus 30, 200 और Q में अंतर

Chelidonium Majus अलग-अलग potencies में उपलब्ध हो सकती है, जैसे Q, 30C और 200C। इनका उपयोग और selection अलग होता है।

Chelidonium Majus Q

Q यानी Mother Tincture अपेक्षाकृत crude herbal extract form होता है। इसे आमतौर पर organ-specific support, जैसे liver-digestion symptoms में doctor द्वारा consider किया जा सकता है। इसकी dose drops में दी जाती है, इसलिए इसमें सावधानी जरूरी है।

Chelidonium Majus 30

Chelidonium Majus 30C एक potentized homeopathic form है। इसे symptom similarity के आधार पर दिया जाता है। यह हर व्यक्ति के लिए fixed liver medicine नहीं है। 30C potency का use acute या moderate symptom pattern में किया जा सकता है, लेकिन repetition doctor की सलाह से होना चाहिए।

Chelidonium Majus 200

Chelidonium Majus 200C higher potency मानी जाती है। इसे बार-बार लेना सही नहीं माना जाता, जब तक qualified homeopathic doctor ने advise न किया हो। Higher potency का चुनाव व्यक्ति के constitutional symptoms, disease depth और sensitivity के अनुसार किया जाता है।

Chelidonium Majus Q के संभावित लाभ

Chelidonium Majus Q के benefits को समझते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि homeopathy individualized treatment system है। फिर भी इसके traditional uses के आधार पर कुछ संभावित supportive benefits इस प्रकार बताए जा सकते हैं:

  • लिवर-related symptoms को support कर सकती है
  • पेट की दाईं तरफ heaviness में मदद कर सकती है
  • digestion को support कर सकती है
  • gas, bloating और indigestion में राहत देने में सहायक हो सकती है
  • bitter taste और appetite-related complaints में consider की जा सकती है
  • bile flow और gallbladder-type symptoms में supportive role निभा सकती है
  • fatty food intolerance जैसे symptoms में उपयोगी हो सकती है
  • constipation के selected cases में support कर सकती है

यह benefits हर व्यक्ति में समान नहीं होते। किसी को जल्दी relief मिल सकता है, किसी को समय लग सकता है और किसी में यह remedy suitable नहीं भी हो सकती।

किन लोगों को Chelidonium Majus Q लेने से पहले सावधानी रखनी चाहिए?

कुछ लोगों को Chelidonium Majus Q लेने से पहले विशेष सावधानी रखनी चाहिए:

  • गर्भवती महिलाएं
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं
  • छोटे बच्चे
  • liver disease वाले patient
  • kidney disease वाले patient
  • gallstones या gallbladder inflammation वाले लोग
  • jaundice के लक्षण वाले लोग
  • पहले से कई medicines लेने वाले लोग
  • alcohol-related liver problem वाले लोग
  • allergy-prone व्यक्ति

इन situations में बिना doctor की सलाह के कोई भी mother tincture लेना safe नहीं माना जा सकता।

Chelidonium Majus Q के Side Effects

होम्योपैथिक दवाएं सामान्यतः सही तरीके से लेने पर gentle मानी जाती हैं, लेकिन mother tincture form में सावधानी जरूरी होती है। कुछ लोगों में गलत dose, ज्यादा repetition या unsuitable medicine के कारण discomfort हो सकता है।

संभावित side effects या reactions में पेट में जलन, nausea, loose motion, allergic reaction, weakness या symptoms में temporary worsening जैसे अनुभव हो सकते हैं। यदि दवा लेने के बाद कोई unusual symptom महसूस हो, तो दवा रोककर doctor से सलाह लें।

यदि पहले से liver problem है, तो किसी भी herbal या mother tincture medicine का use carefully करना चाहिए।

कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

Chelidonium Majus Q या किसी भी homeopathic support के साथ यह समझना जरूरी है कि कुछ symptoms emergency या serious medical condition की तरफ इशारा कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में delay नहीं करना चाहिए।

तुरंत doctor से संपर्क करें यदि:

  • आंखें या त्वचा पीली हो रही हो
  • urine बहुत dark हो
  • पेट के दाईं ओर तेज दर्द हो
  • दर्द के साथ fever या vomiting हो
  • stool सफेद या clay-colored लगे
  • अचानक weight loss हो
  • भूख लगातार कम हो
  • पेट में सूजन हो
  • लगातार कमजोरी या चक्कर हो
  • liver enzymes बहुत ज्यादा बढ़े हों
  • gallstone की history हो
  • खून की उल्टी या stool में blood दिखे

इन symptoms में केवल homeopathic medicine लेकर घर पर इंतजार करना risky हो सकता है।

Chelidonium Majus Q लेते समय Lifestyle Tips

यदि आपका उद्देश्य liver और digestion को support करना है, तो दवा के साथ lifestyle correction भी जरूरी है। केवल medicine से long-term improvement की उम्मीद करना सही नहीं है।

कुछ helpful habits:

  • बहुत ज्यादा oily और fried food कम करें
  • refined sugar और packaged foods कम लें
  • alcohol से बचें
  • daily walking या light exercise करें
  • पर्याप्त पानी पिएं
  • रात में बहुत heavy dinner न करें
  • fiber-rich diet लें
  • stress management पर ध्यान दें
  • नींद पूरी करें
  • doctor द्वारा advised tests समय पर करवाएं

यदि fatty liver, acidity, constipation या gallbladder symptoms हैं, तो personalized diet plan और medical guidance ज्यादा बेहतर रहती है।

Homeopathic Treatment में Individualization क्यों जरूरी है?

होम्योपैथी में दो लोगों को एक जैसे symptoms दिख सकते हैं, लेकिन दोनों की दवा अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए, पेट दर्द किसी में acidity के कारण हो सकता है, किसी में gallbladder issue के कारण, किसी में constipation के कारण और किसी में stress-related digestion disturbance के कारण।

इसीलिए Chelidonium Majus Q हर liver या stomach problem की fixed medicine नहीं है। एक qualified homeopathic doctor आपके physical symptoms, mental state, food habits, disease history, test reports और overall constitution को देखकर medicine, potency और repetition decide करता है।

गलत potency या जरूरत से ज्यादा repetition से improvement की जगह symptoms disturb भी हो सकते हैं। इसलिए especially Q, 30C, 200C जैसी potencies को समझदारी से use करना चाहिए।

Safety Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। Chelidonium Majus Q या किसी भी homeopathic medicine का उपयोग अपने symptoms, health condition और doctor की advice के अनुसार ही करें। गंभीर, लंबे समय तक बने रहने वाले, worsening या emergency symptoms में qualified medical professional से जांच करवाना जरूरी है। Homeopathy supportive care में मदद कर सकती है, लेकिन serious liver, gallbladder, jaundice या abdominal conditions में diagnosis और proper medical supervision बहुत जरूरी है।

निष्कर्ष

Chelidonium Majus Q एक महत्वपूर्ण homeopathic mother tincture है, जिसे मुख्य रूप से liver, digestion, bile-related symptoms, दाईं तरफ पेट के दर्द, bitter taste, gas, bloating, constipation और appetite-related complaints में पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है। इसका role खासकर तब consider किया जाता है जब symptoms liver और gallbladder pattern से मिलते हों।

फिर भी इसे हर व्यक्ति के लिए सामान्य liver tonic मानना सही नहीं है। सही remedy, potency और dosage व्यक्ति के symptoms और health condition के अनुसार individualized होनी चाहिए। यदि symptoms mild और functional हैं, तो यह doctor की guidance में supportive help दे सकती है। लेकिन jaundice, gallstones, severe abdominal pain, liver disease या persistent symptoms में proper medical evaluation सबसे पहले जरूरी है।

💬 Frequently Asked Questions
Chelidonium Majus Q क्या है?
Chelidonium Majus Q एक होम्योपैथिक मदर टिंक्चर है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से लीवर, पित्ताशय और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं में किया जाता है।
Chelidonium Majus Q का उपयोग किन समस्याओं में किया जाता है?
इसका उपयोग फैटी लिवर, पीलिया, लीवर की सूजन, पित्ताशय की सूजन, पित्त की पथरी, अपच, गैस, कब्ज, एसिडिटी, दाहिनी ओर के सिरदर्द, त्वचा की कुछ समस्याओं और आंखों के पीलापन जैसी स्थितियों में किया जाता है।
क्या Chelidonium Majus Q लीवर के लिए उपयोगी है?
हां, इसे विशेष रूप से लीवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने, लीवर की सूजन कम करने और लीवर से जुड़ी परेशानियों में सहायक माना जाता है।
क्या Chelidonium Majus Q फैटी लिवर में दी जाती है?
हां, इस दवा का उपयोग फैटी लिवर में सहायक रूप से किया जाता है। इसे लीवर में जमा अतिरिक्त वसा और लीवर की कार्यक्षमता से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी माना जाता है।
क्या Chelidonium Majus Q पीलिया में उपयोगी है?
हां, यह दवा पीलिया में उपयोग की जाने वाली प्रमुख होम्योपैथिक दवाओं में मानी जाती है। इसका उपयोग त्वचा और आंखों के पीलापन जैसे लक्षणों में सहायक रूप से किया जाता है।
क्या Chelidonium Majus Q पित्ताशय की समस्या में लाभ देती है?
हां, इसका उपयोग पित्ताशय की सूजन, पित्त के प्रवाह में गड़बड़ी और पित्त की पथरी जैसी समस्याओं में किया जाता है।
क्या Chelidonium Majus Q गैस, अपच और कब्ज में उपयोगी है?
हां, यह दवा पाचन तंत्र को सहारा देने, पेट के भारीपन, गैस, अपच, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं में उपयोगी मानी जाती है।
Chelidonium Majus Q की सामान्य खुराक क्या होती है?
वयस्कों में सामान्य खुराक अक्सर 10 से 15 बूंद पानी में मिलाकर दिन में 2 से 3 बार बताई जाती है। लेकिन सही खुराक व्यक्ति की स्थिति के अनुसार चिकित्सक की सलाह से ही लेनी चाहिए।
Chelidonium Majus Q कब और कैसे लेनी चाहिए?
इसे आमतौर पर पानी में मिलाकर लिया जाता है। अक्सर इसे भोजन से लगभग 30 मिनट पहले या बाद में लेने की सलाह दी जाती है, ताकि इसका प्रभाव बेहतर रहे।
Chelidonium Majus Q लेते समय क्या सावधानियां रखनी चाहिए?
इसे डॉक्टर की सलाह से लेना चाहिए। गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं, बच्चों, और जो लोग अन्य दवाएं ले रहे हैं उन्हें विशेष सावधानी रखनी चाहिए। साथ ही चाय, कॉफी और तंबाकू जैसी चीजों से परहेज या कमी रखने की सलाह दी जाती है।

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यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। इस वेबसाइट पर साझा की गई जानकारी सामान्य प्रकृति की है और यह हर व्यक्ति, स्थिति या बीमारी के हर चरण के लिए उपयुक्त नहीं हो सकती। कोई भी दवा, उपचार या होम्योपैथिक remedy शुरू करने, बंद करने या बदलने से पहले हमेशा किसी योग्य चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। इस लेख की सामग्री के आधार पर पेशेवर चिकित्सा सलाह को कभी भी नज़रअंदाज़, विलंबित या बंद न करें।
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Dr. Pratibha Surbhi
Homeopathic Physician
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डॉ. प्रतिभा सुरभि Plank Homeopathy के बैंगलोर क्लिनिक में एक BHMS-योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक हैं और कर्नाटक बोर्ड ऑफ होम्योपैथिक सिस्टम ऑफ मेडिसिन में पंजीकृत हैं (रजि. नं. A-16095)। 4+ वर्षों के नैदानिक अनुभव के साथ वे क्लिनिक डॉक्टर और निःशुल्क परामर्श विशेषज्ञ के रूप में कार्य करती हैं और अपने करुणामय दृष्टिकोण एवं विस्तृत केस-टेकिंग के लिए जानी जाती हैं। उनकी विशेषज्ञता महिला स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, त्वचा और बालों की समस्याओं, श्वसन रोगों और पाचन विकारों में है। Plank Homeopathy में लेखक के रूप में वे चिकित्सीय रूप से सटीक और रोगी-अनुकूल सामग्री लिखती हैं जिससे पाठक अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को समझकर सूचित निर्णय ले सकें।
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Dr. Pranjali Srivastava
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डॉ. प्रांजलि श्रीवास्तव Plank Homeopathy की सह-संस्थापक और निदेशक हैं तथा 14+ वर्षों के नैदानिक अनुभव वाली एक अत्यंत अनुभवी होम्योपैथिक चिकित्सक हैं। उन्होंने LBS होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, भोपाल से B.Sc. और BHMS की डिग्री प्राप्त की है, साथ ही पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा में डिप्लोमा भी किया है। वे 30+ देशों में 25,000+ रोगियों का परामर्श कर चुकी हैं और अपनी रोगी-केंद्रित, मूल-कारण आधारित चिकित्सा पद्धति के लिए जानी जाती हैं। उनकी विशेषज्ञता महिला स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, हार्मोनल विकार, त्वचा रोग और तनाव से जुड़ी समस्याओं में है। Plank Homeopathy में Medical Reviewer के रूप में वे यह सुनिश्चित करती हैं कि प्रकाशित प्रत्येक लेख चिकित्सीय दृष्टि से सटीक और जिम्मेदार हो।
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Last updatedमई 6, 2026
AuthorDr. Pratibha Surbhi
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